उसकी आंखें

उसकी आंखें

………..उसकी आंखें……..

यूँ तो नज़ारे और भी थे देखने लायक,पर उन सबसे सुन्दर थी उसकी आंखें 

यूँ तो तराने और भी थे  सुनने लायक,पर उन सबसे मीठी थी उसकी आंखें

मोहब्बत के  अफसाने बहुत सुने थे मगर,दिल को छू लेने वाली कहानी थी उसकी आंखें 

नाजाने कितने आशिक़ डूब गये होंगे,मोहब्बत का ऐसा सागर थी उसकी आंखें 

दिवाली के जलते दियों सी,होली के  उङते गुलाल सी,किसी कलाकार की बेहतरीन कलाकारी थी उसकी आंखें

सूरज की पेहली किरण सी ,शान्त बैहती नदी सी, कभी ना रुकने वाली हवाएँ थी उसकी आंखें 

जिसको देख दिन भी रुक जाये,जिसको देख रातें ठहर जायें,ऐसी राहस्यमयी कायनाथ थी उसकी आंखें

हर शायर का प्यार,हर लेखक की प्रेरणा ,आशिक़ों की पेहली मुलाकात थी उसकी आंखें

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vinay punetha

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