Broken Heart 💔

Broken Heart 💔

दिल टूटे जब किसी आशिक़ का,

     तो आवाज़ नहीं आती

यादें बस जाए दिल मे,

    तो मिटाई नहीं जाती

 

दिल टूटा है मेरा किस-किस को समझाऊ?

     अपना दर्द बताने के लिए,

कितनो का गौर फर्माऊ?

 

रातों का अँधेरा गुमनाम सा क्यों है?

     माना की एक आशिक़ हूँ,

पर ये दिल इतना परेशान सा क्यों है?

 

आज भी याद है वो दिन,

     जब हम साथ रहते थे

पर आज इस रिश्ते मे

    इतनी खटास सी क्यों है?

 

समाज से बचने के लिए कितने झूट बोलती?

      ये भी तो एक ज़िन्दगी है,

आखिर कब तक सच ना बोलती.

– sneha saxena

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Sneha Saxena
Intern at Quaff media pvt ltd. I like to enjoy my life and express them via writting. singing&doing social work is my hobby and i enjoy doing it.

13 Comments

  1. Taiyab Khan

    Sach m bht achi poem h Dil ko chu gai i just want to say well done Saaxenaa

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