कुछ

कुछ

कुछ तेरी आँखों की गहराई से,
कुछ तेरी ज़ुल्फ़ों की परछाई से,
कुछ तो तेरे लबों पर आ जाता है,
कुछ तेरे दिल की सच्चाई से

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Himanshu Ajmera
Keep moving forward
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