खुद को संभाला है .

अगर कही खोया हूँ तो ,
कही खुद को जगाया है .
अगर कही रोया हूँ तो , 
कही खुद को हसाया है .
अगर कही अकेला हूँ तो ,
कही खुद से बातियाया है .
तुम्हे मिले हमराही ,
मैने तो खुद को संभाला है .

अगर कही ठेस लगी तो ,
कही खुद को बहलाया है .
अगर कही अपजस मिला तो ,
कही खुद को सराहा है .
अगर कही छोड़ा गया हूँ तो ,
कही खुद को बढ़ाया है .
तुम्हे मिला सहारा ,
मैने तो खुद को संभाला है .

अगर कही भूला गया हूँ तो ,
कही खुद को याद या हूँ .
अगर कही नज़रअंदाज़ हुआ तो ,
कही खुद को नज़र आया हूँ .
अगर कही मझधार मे हूँ तो ,
कही खुद को किनारा दिया है .
तुम्हे मिले याराने ,
मैने तो खुद को संभाला है .
                             -यश मैनाली