पानी

पानी

इस महानगर में
सभी कुछ पानी है।

खून भी पानी है
आंसू भी पानी है।

यकीन भी पानी है
चाहत भी पानी है।

दारू भी पानी है
दौलत भी पानी है।

इज़्ज़त भी पानी है
मेहनत भी पानी है।

बस एक पानी ही है
जो पानी की तरह
पानी नही है।

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Aditya Pratap Singh

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